देश की लड़ाई/ जसराज बिश्नोई

सीमा पर खड़ा सैनिक
जब बंदूक उठाता है,
तब उसके मन में
सिर्फ देश होता है।

उसे यह नहीं पता
कि शहरों में लोग
जाति और धर्म के नाम पर
एक-दूसरे से लड़ रहे हैं।

देश की असली ताकत
हथियारों में नहीं,
लोगों के विश्वास में होती है।

जब नागरिक
आपस में टूटने लगते हैं,
तब दुश्मन को
हमला करने की ज़रूरत भी नहीं पड़ती।

देश
नक्शे से नहीं,
एकता से मजबूत बनता है।

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