युद्ध और इंसान/ जसराज बिश्नोई

युद्ध शुरू होने से पहले
नेता भाषण देते हैं,
झंडे लहराए जाते हैं,
और जीत के नारे लगाए जाते हैं।
लेकिन युद्ध खत्म होने के बाद
कई घरों में
सन्नाटा बस जाता है।

एक सैनिक की शहादत
सिर्फ खबर नहीं होती,
वह किसी माँ की दुनिया,
किसी बच्चे का सहारा
और किसी पत्नी का भविष्य होती है।

युद्ध कभी भी
पूरी जीत नहीं लाता,
वह बस
दोनों तरफ
थोड़ा-थोड़ा दुख छोड़ जाता है।

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